php // dynamic_sidebar( 'budget-banner-widget' );
?>
php // }
?>
-
इस डील से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मशीनरी और केमिकल जैसे हाई वैल्यू सेक्टर को फायदा होगा. अभी तक भारत का निर्यात काफी हद तक लेबर आधारित उत्पादों पर निर्भर रहा है. FTA के बाद भारत वैल्यू चेन में ऊपर की ओर बढ़ेगा. इससे भारतीय कंपनियों की वैश्विक कंपटीशन बढ़ेगी. लंबे समय में यह निर्यात की क्वालिटी और कीमत दोनों सुधार सकता है.
-
गुप्ता ने छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार समझौते की घोषणा इस सप्ताह होने की उम्मीद है जो दिल्ली के लिए लाभकारी हो सकता है क्योंकि इससे शहर के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए यूरोपीय संघ के देशों में 45 लाख उपभोक्ताओं तक पहुंचने के द्वार खुल जाएंगे।
-
स्कोडा, फॉक्सवैगन, ऑडी, बेंटले, लैंबॉर्गिनी और पोर्श जैसे छह ब्रांड के भारतीय परिचालन का प्रबंधन करने वाले पुणे स्थित इस समूह ने वैश्विक एकीकरण को समर्थन देने के लिए सीमा शुल्क सुधारों और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के महत्व पर भी जोर दिया।
-
दूसरी तरफ, घरेलू दूरसंचार सेवा कंपनी रिलायंस जियो का कहना है कि पूरे 1,200 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम को आगामी स्पेक्ट्रम नीलामी में रखा जाना चाहिए।
-
सम्मेलन के मुख्य अतिथि और यूपी रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी-रेरा) के चेयरमैन संजय आर. भूसरेड्डी ने कहा कि आने वाले दो दशकों में रियल एस्टेट उत्तर प्रदेश के साथ पूरे देश की आर्थिक वृद्धि का एक प्रमुख इंजन बनेगा।
-
अदाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अदाणी ने निवेश के पैमाने और विभिन्न क्षेत्रों में इसके विस्तार की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि नियोजित राशि अगले सात से 10 वर्ष में खर्च की जाएगी।
-
IPO में नए शेयर जारी होने के साथ पुराने निवेशकों की हिस्सेदारी बिक्री भी शामिल हो सकती है. केकेआर टीपीजी सिल्वर लेक और विस्टा जैसे प्राइवेट इक्विटी निवेशक अपनी हिस्सेदारी घटा सकते हैं. वहीं गूगल और मेटा जैसी स्ट्रैटेजिक कंपनियां अपनी हिस्सेदारी बनाए रख सकती हैं. इससे कंपनी की लॉन्ग टर्म वैल्यू पर भरोसा झलकता है.
-
इस्मा ने बताया कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में मिलों से निकलने वाली चीनी की कीमतें गिरकर लगभग 3,550 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गई हैं, जो उत्पादन लागत से काफी कम है।
-
अध्ययन में तमिलनाडु के स्थिर एवं पूर्वानुमानित निवेश माहौल का उदाहरण देते हुए कहा गया कि राजनीतिक स्थिरता, सुसंगत विनियमन, अनुकूलित प्रोत्साहन, मजबूत बुनियादी ढांचा और कुशल प्रतिभा के कारण यह राज्य भारत के सबसे विश्वसनीय औद्योगिक गंतव्यों में से एक बन गया है।
-
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि प्रीमियम आय में वृद्धि भारतीय उपभोक्ताओं में जोखिम के प्रति बढ़ती जागरूकता और देश की अर्थव्यवस्था के लगातार हो रहे डिजिटलीकरण को भी दर्शाती है। डिजिटलीकरण से बीमा उत्पादों का वितरण और बिक्री आसान होती है जिससे वे अधिक सुलभ बनते हैं। यह बीमा नियामक के ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य के अनुरूप है।